॥ ब्रह्मवर्चसी जायताम् ॥

मुख्य कार्यक्षेत्र

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वैदिक ज्ञान

वैदिक ज्ञान-परम्परा का संरक्षण

वेद मानव-जाति का सबसे प्राचीन ज्ञान-भण्डार हैं। वेदविद्या अनुदान फाउंडेशन इस परम्परा को जीवित रखने हेतु परम्परागत वेदाध्ययन पद्धति को प्रोत्साहित करती है। सस्वर पाठ, अनुक्रमणी एवं शाखाओं के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

  • चारों वेदों की परम्परागत सस्वर पाठ-पद्धति का संरक्षण
  • वेदों की विभिन्न शाखाओं के विद्वानों को आर्थिक सहायता
  • वैदिक पाठशालाओं एवं गुरुकुलों को अनुदान
  • वेद-परायण एवं यज्ञ-अनुष्ठानों का आयोजन एवं प्रोत्साहन
  • वेद-प्रचारक विद्वानों के प्रवास एवं भाषण का आयोजन
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आर्ष ग्रंथ संरक्षण

आर्ष ग्रंथों का संरक्षण एवं प्रकाशन

अनेक अमूल्य वैदिक ग्रंथ लुप्तप्राय अवस्था में हैं। वेदविद्या अनुदान फाउंडेशन ऐसे ग्रंथों के संकलन, संपादन, अनुवाद एवं प्रकाशन को प्रोत्साहित करती है ताकि आने वाली पीढ़ियाँ इस ज्ञान-सम्पदा से लाभान्वित हो सकें।

  • लुप्तप्राय पाण्डुलिपियों का डिजिटलीकरण एवं संरक्षण
  • आर्ष ग्रंथों का हिन्दी एवं अंग्रेजी अनुवाद एवं प्रकाशन
  • दुर्लभ ग्रंथों के अध्येताओं को शोध-सहायता
  • ग्रंथ-संपादन एवं प्रकाशन परियोजनाओं को आर्थिक अनुदान
  • वैदिक पुस्तकालयों की स्थापना एवं विस्तार में सहयोग
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संस्कार शिक्षा

संस्कार-आधारित शिक्षा

गुरुकुल पद्धति में ज्ञानार्जन के साथ-साथ चरित्र-निर्माण एवं संस्कारों पर विशेष बल दिया जाता है। वेदविद्या अनुदान फाउंडेशन ऐसे गुरुकुलों एवं शिक्षण संस्थाओं को प्रोत्साहित करती है जो इस परम्परा का निर्वाह करती हैं।

  • आवासीय गुरुकुलों को मासिक अनुदान
  • संस्कार-शिविरों एवं ब्रह्मचर्य-आश्रम पद्धति का प्रोत्साहन
  • षोडश संस्कारों के अनुपालन करने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति
  • संध्योपासन, यज्ञोपवीत एवं वैदिक आचार-विचार को बढ़ावा
  • नैतिक शिक्षा एवं चरित्र-निर्माण कार्यक्रमों का आयोजन
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योग एवं आयुर्वेद

योग, आयुर्वेद एवं वैदिक जीवन-विज्ञान

भारतीय परम्परागत चिकित्सा-पद्धति एवं जीवन-विज्ञान विश्व की अमूल्य धरोहर है। वेदविद्या अनुदान फाउंडेशन इन विद्याओं के प्रचार-प्रसार एवं शोध-अध्ययन को प्रोत्साहित करती है।

  • पारम्परिक योग एवं आयुर्वेद के अध्येताओं को सहायता
  • प्राकृतिक चिकित्सा एवं पञ्चकर्म शिक्षा का प्रसार
  • वैदिक आहार-विहार एवं ऋतुचर्या का प्रचार
  • आयुर्वेदिक ग्रंथों के अध्ययन-अध्यापन को प्रोत्साहन
  • योग-शिविरों एवं स्वास्थ्य-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन
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शास्त्रार्थ एवं सम्मेलन

शास्त्रार्थ एवं विद्वत् सम्मेलन

भारतीय ज्ञान-परम्परा में शास्त्रार्थ का महत्त्वपूर्ण स्थान है। सत्य की खोज एवं न्याय की स्थापना के लिए खुली बौद्धिक चर्चा आवश्यक है। वेदविद्या अनुदान फाउंडेशन ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित एवं वित्तपोषित करती है।

  • राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय विद्वत् सम्मेलनों का आयोजन
  • सनातन धर्म-दर्शन पर शास्त्रार्थ एवं संगोष्ठियाँ
  • युवा विद्वानों के लिए वाद-विवाद प्रतियोगिताएँ
  • शास्त्रार्थ की परम्परागत पद्धति का पुनरुद्धार
  • विद्वानों के भाषण एवं प्रवचन श्रृंखलाओं का प्रसारण

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