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वेद मानव-जाति का सबसे प्राचीन ज्ञान-भण्डार हैं। वेदविद्या अनुदान फाउंडेशन इस परम्परा को जीवित रखने हेतु परम्परागत वेदाध्ययन पद्धति को प्रोत्साहित करती है। सस्वर पाठ, अनुक्रमणी एवं शाखाओं के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
अनेक अमूल्य वैदिक ग्रंथ लुप्तप्राय अवस्था में हैं। वेदविद्या अनुदान फाउंडेशन ऐसे ग्रंथों के संकलन, संपादन, अनुवाद एवं प्रकाशन को प्रोत्साहित करती है ताकि आने वाली पीढ़ियाँ इस ज्ञान-सम्पदा से लाभान्वित हो सकें।
गुरुकुल पद्धति में ज्ञानार्जन के साथ-साथ चरित्र-निर्माण एवं संस्कारों पर विशेष बल दिया जाता है। वेदविद्या अनुदान फाउंडेशन ऐसे गुरुकुलों एवं शिक्षण संस्थाओं को प्रोत्साहित करती है जो इस परम्परा का निर्वाह करती हैं।
भारतीय परम्परागत चिकित्सा-पद्धति एवं जीवन-विज्ञान विश्व की अमूल्य धरोहर है। वेदविद्या अनुदान फाउंडेशन इन विद्याओं के प्रचार-प्रसार एवं शोध-अध्ययन को प्रोत्साहित करती है।
भारतीय ज्ञान-परम्परा में शास्त्रार्थ का महत्त्वपूर्ण स्थान है। सत्य की खोज एवं न्याय की स्थापना के लिए खुली बौद्धिक चर्चा आवश्यक है। वेदविद्या अनुदान फाउंडेशन ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित एवं वित्तपोषित करती है।
वेदविद्या अनुदान फाउंडेशन के इन कार्यक्षेत्रों में अनुदान देने हेतु संपर्क करें या गुरुकुल/छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करें।