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वेदविद्या अनुदान फाउंडेशन की स्थापना इस विश्वास पर हुई है कि वैदिक ज्ञान मानवता की अमूल्य धरोहर है। हमारा लक्ष्य इस अखण्ड परम्परा को न केवल संरक्षित करना, अपितु उसे विश्व के प्रत्येक कोने में प्रसारित करना है।
संस्था का मूल संकल्प है — वेदविद्या, आर्ष ग्रंथों एवं संस्कार-आधारित शिक्षा को आधुनिक युग में पुनः प्रतिष्ठित करना।
वेदविद्या अनुदान फाउंडेशन स्वयं गुरुकुल नहीं चलाती। यह संस्था स्वैच्छिक दान पर आधारित गुरुकुलों की सहायता करती है एवं योग्य वैदिक अध्येताओं को छात्रवृत्ति प्रदान करती है। इस प्रकार यह गुरु-शिष्य परम्परा की अमर धारा को प्रवाहित रखने में सहायक बनती है।
संस्था का सम्पूर्ण कार्य पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं सेवाभाव के सिद्धान्तों पर आधारित है। जाति, लिंग या सम्प्रदाय का कोई भेद किये बिना योग्य अध्येताओं को सहायता प्रदान की जाती है।
80G एवं 12A पंजीकरण प्रक्रियाधीन है। पंजीकरण पूर्ण होते ही दानदाताओं को आयकर छूट का लाभ मिलेगा।
दानदाताओं से स्वैच्छिक दान स्वीकार किया जाता है।
गुरुकुलों एवं छात्रों के आवेदन की निर्धारित मापदण्डों के अनुसार समीक्षा की जाती है।
योग्य गुरुकुलों एवं छात्रों को मासिक अनुदान/छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
छात्रवृत्ति का नवीनीकरण प्रतिवर्ष नये आवेदन के आधार पर किया जाता है।
वेदविद्या की परम्परा का वैश्विक प्रचार-प्रसार
भारतीय पारम्परिक ज्ञान-विज्ञान का पुनरुद्धार
योग, आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा का प्रसार
शास्त्रार्थ एवं सत्य-न्याय की पुनर्स्थापना
सनातन सत्यविद्या के रक्षकों को एकजुट करना
जाति-लिंग भेदभाव से मुक्त सार्वभौमिक ज्ञान-प्रसार
वैदिक ग्रंथों का लेखन, संपादन एवं प्रकाशन
लुप्तप्राय ग्रंथों के अध्येताओं को प्रोत्साहन
यज्ञ-यागों के माध्यम से पर्यावरण-शुद्धि
गुरुकुलों को आर्थिक अनुदान एवं सामाजिक प्रतिष्ठा
वैदिक परम्परा के संरक्षण में आप भी सहभागी बनें।