वेदविद्या अनुदान फाउंडेशन
॥ ब्रह्मवर्चसी जायताम् ॥
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॥ ब्रह्मवर्चसी जायताम् ॥
वैदिक ज्ञान की अखण्ड परम्परा के संरक्षण एवं प्रसार हेतु — गुरुकुलों को स्वैच्छिक दान पर आधारित अनुदान प्रदान करने वाली सेवा संस्था।
वेदविद्या अनुदान फाउंडेशन स्वयं गुरुकुल नहीं चलाती — यह स्वैच्छिक दान पर आधारित गुरुकुलों को अनुदान देती है।
संस्थापक एवं अध्यक्ष — वेदविद्या अनुदान फाउंडेशन
साहित्य शास्त्री, सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी। चार दशकों से अधिक के शिक्षण-अनुभव के साथ श्री शास्त्री जी ने आर्ष गुरुकुल से लेकर सरकारी इंटर कॉलेज तक हज़ारों विद्यार्थियों का जीवन संवारा। 2026 में उन्होंने वेदविद्या अनुदान फाउंडेशन की स्थापना की।
पूरा परिचय पढ़ें →वैदिक ज्ञान के प्रसार एवं संरक्षण हेतु दस मूल लक्ष्य
वेदविद्या की परम्परा का वैश्विक प्रचार-प्रसार
भारतीय पारम्परिक ज्ञान-विज्ञान का पुनरुद्धार
योग, आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा का प्रसार
शास्त्रार्थ एवं सत्य-न्याय की पुनर्स्थापना
सनातन सत्यविद्या के रक्षकों को एकजुट करना
जाति-लिंग भेदभाव से मुक्त सार्वभौमिक ज्ञान-प्रसार
वैदिक ग्रंथों का लेखन, संपादन एवं प्रकाशन
लुप्तप्राय ग्रंथों के अध्येताओं को प्रोत्साहन
यज्ञ-यागों के माध्यम से पर्यावरण-शुद्धि
गुरुकुलों को आर्थिक अनुदान एवं सामाजिक प्रतिष्ठा
वेद, उपनिषद् एवं शास्त्रों की परम्परागत शिक्षा का संरक्षण
लुप्तप्राय वैदिक ग्रंथों का संकलन, संपादन एवं प्रकाशन
गुरुकुल पद्धति से संस्कार एवं चरित्र निर्माण
वैदिक जीवन-विज्ञान एवं प्राकृतिक चिकित्सा का प्रसार
सत्य-न्याय की स्थापना हेतु विद्वत् संगोष्ठियाँ
वेदविद्या अनुदान फाउंडेशन योग्य गुरुकुलों एवं वैदिक अध्येताओं को अनुदान प्रदान करती है। आवेदन प्रक्रिया जानने के लिए नीचे क्लिक करें।
"हमने वेदविद्या अनुदान फाउंडेशन की स्थापना इसलिए की ताकि वैदिक ज्ञान केवल भारत में ही नहीं, समस्त विश्व में प्रसारित हो — और इस महान परम्परा के प्रति समर्पित कोई भी आचार्य अथवा छात्र आर्थिक कठिनाई से कभी न रुके।"