योजना २ — परम्परागत वेदार्थ हेतु शास्त्राध्ययन के लिए: यह योजना उन छात्रों के लिए है जो गुरु-शिष्य परम्परा से वेदाध्ययन/शास्त्राध्ययन कर वेदार्थ की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। न्यूनतम शिक्षा: बारहवीं उत्तीर्ण। गुरुकुल अथवा विश्वविद्यालय। दोनों समय संध्या अनिवार्य।